20 जून 2015 - 17:40
 ब्रिटेन ने दिए सऊदी अरब को हथियार।

ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने यमन के ख़िलाफ़ अतिक्रमण में सऊदी अरब को सशस्त्र करने में लंदन की भूमिका की पुष्टि की है।

ब्रितानी रक्षा मंत्रालय ने यमन के ख़िलाफ़ अतिक्रमण में सऊदी अरब को सशस्त्र करने में लंदन की भूमिका की पुष्टि की है।
रशिया टुडे के अनुसार, ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने सऊदी अरब को गाइडेड हथियारों और तकनीकी उपकरणों सहित सैन्य हथियारों की आपूर्ति की पुष्टि की और कहा कि हम सऊदी अरब की सेना का साथ दे रहे हैं और सऊदी सेना की मदद के लिए उन्हें गाइडेड हथियार दे रहे हैं। इसके साथ ही ब्रितानी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बल दिया कि लंदन को इस बात का आश्वासन मिल गया है कि सऊदी अरब इन हथियारों को अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार इस्तेमाल करेगा।
यह बयान ऐसी हालत में सामने आया है कि हथियारों के व्यापार के ख़िलाफ़ सक्रिय कार्यकर्ताओं ने ब्रितानी सरकार पर जंग का समर्थन करने का आरोप लगाया है और अंतर्राष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी इसे ग़ैर क़ानूनी मानते हैं। हथियारों के व्यापार के विरोधी अभियान सी. ए. ए. टी. के सदस्य एंड्रयू स्मिथ ने ब्रिटेन द्वारा सऊदी शासन के समर्थन की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा है कि लंदन को हथियार बेचने से ज़्यादा प्रजातंत्र और मानवाधिकार पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रितानी सरकार यमन की तबाही और सऊदी अरब में विरोधियों के बड़े पैमाने पर दमन के मद्देनज़र जो संदेश दे रही है वह यह कि मानवाधिकार और प्रजातंत्र, हथियार बेचने से कम अहमियत रखते हैं।
स्मिथ ने यमन पर सऊदी अरब के अतिक्रमण को यमन में मानव त्रासदी के जन्म लेने का कारण बताया और कहा कि हम सब यह जानते हैं कि ब्रितानी हथियारों ने इस प्रक्रिया के भयावह रूप लेने में मदद की है। इस तरह के हथियार न सिर्फ़ यह कि बमबारी में इस्तेमाल हुए बल्कि इसके पीछे मज़बूत राजनैतिक समर्थन मौजूद था और इससे ब्रितानी और सऊदी सरकार के बीच निकटता को पहले से ज़्यादा स्पष्ट होती है।